हर पल न जाने क्यू मुझे फिर याद आ रहा है
बीते हुए पलो मे क्याअब भी कुझ बचा है
किस से कहूँ की किस कदर दिल है मेरा दुखा
दिल बचाता हूँ अगर में,तो सासें रूकती है मेरी
सासें समेट कर न जाने क्यूँ जीये जा रहा हूँ में
हर पल न जाने क्यू मुझे फिर याद आ रहा है
बीते हुए पलो में क्या अब भी कुझ बचा है
दुखता है दिल मेरा और यादे भी कम नही है
क्या करूगां में भला यादो को उनकी संजो कर
यादे सताती है उनकी और दिल है मेरा रोता
पलो को बचाने की जिद में बरस खो गया है मेरा
हर पल न जाने मुझे क्यूँ फिर याद आ रहा हैं
बीते हुए पलो में क्या अब भी कुझ बचा है
बीते हुए पलो मे क्याअब भी कुझ बचा है
किस से कहूँ की किस कदर दिल है मेरा दुखा
दिल बचाता हूँ अगर में,तो सासें रूकती है मेरी
सासें समेट कर न जाने क्यूँ जीये जा रहा हूँ में
हर पल न जाने क्यू मुझे फिर याद आ रहा है
बीते हुए पलो में क्या अब भी कुझ बचा है
दुखता है दिल मेरा और यादे भी कम नही है
क्या करूगां में भला यादो को उनकी संजो कर
यादे सताती है उनकी और दिल है मेरा रोता
पलो को बचाने की जिद में बरस खो गया है मेरा
हर पल न जाने मुझे क्यूँ फिर याद आ रहा हैं
बीते हुए पलो में क्या अब भी कुझ बचा है
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