Thursday, August 30, 2012

             भारतीय जनता पार्टी (विपक्ष्य) अपने ही बुने जाल में उलझी 

कांग्रेस का यू बिफर जाना या यू कहे की यू पी ऐ की  प्रमुख श्रीमती सोनिया गाँधी का अचानक आक्रामक होना ! कोयला मुद्दे पे विपक्ष्य की रण नीती में कही न कही भरी खामिया दिखाई देने लगी है !या यूँ कहे की विपक्ष शायद  इस बात के लिए तैयार ही नहीं था ! वो आदतन अपनी पुरानी आदत के अनुसार सरकार घेरने बिना तैयारी बिना रणनीति के संसद में हँगामा करने लगा ! उसे शायद राज्यों में बेठे अपने मुख्यमंत्रियों की कारगुजारियो का अंदाज़ा नहीं था जो बरसों से कुर्सी से चपके हुए है जो सरकार के सुखो को भोगते हुए निश्चिंत हो चुके है की उनपे भी कोई हाथ डालेगा मनलुभावन घोसनाये करना बिचोलियों को केसे फायदा पहुचना दिल्ली में अपने खेमे के मुखिया एवम पार्टी मुखिया तक अपनी पहुच केसे बनाये रखना  ही उनकी राजनीती हो गई है इसी सेटिंग को ये लोग राजनीती मानते है !   इसके लिए वो प्रदेश में अपने अपने हथकंडे अपनाते है मंत्री और  मुख्यमंत्री के बीच अपने अपने बिचोलियो दलालों को कितना ज्यादा  से ज्यादा फायेदा पहुचाना है कोन इसमें कितना निपुण है सरकारी घोसनाये ऐसी बनाये की ज़नता बरसो समज ही न पाए की घोषणा क्या हुई थी ! और बिचोलिये कितना खागए ज़ब समज आये तो मन ही मन दिन रात ये बद दुआ दे की एक न एक दिन तो इन सा*** का घडा भरेगा !यहाँ तक तो सब ठीक था मुख्यमंत्री एवम मंत्री प्रदेस में साठ गाठ करके अपने हिसाब से कभी केबिनेट से पास करके कभी नीतियों में हेर फेर करके गलत सही को सही करने में माहिर हो चुके है इसी उसमे केन्द्रीय मंत्रियो से भी साठ गाठ हो गई वहा भी कई सालो से चेहरे एक से ही है न उनको डर अपने हाई कमान का इनका तो कहना ही क्या ! लेकिन यही वो गरीब जनता बीच में आ गई जिसके सहयोग के बिना आपकी गाडी में झंडा नहीं लग सकता था ! उसकी बददुआ ने थोडा असर दिखाया  डेल्ही  में इस्थितिया पलटने लगी दोनों प्रमुख दल आमने सामने आ गए और इसकी प्रमुख वजह में सोनिया गाँधी को देता हु जिनोहने सीधे सीधे बी जे पी को ललकार दिया सीधा आरोप लगादिया की बी जे पी पार्टी की प्रमुख नीती ब्लेक मेलिंग है इस आरोप से बी जे पी सन्न रह गई !बी जे पी ने शायद इस की कल्पना भी नहीं की थी की इतनी शांत और गंभीर महिला जिसने कभी भी अपना संयम  नहीं खोया चाहे केसा भी आरोप किसी भी दल के सदस्य ने लगाया हो या फिर दल के मुखिया ने वो अपनी गंभीर छवी के अनुरूप ही रही उन्होंने ने प्रज़ातात्रिक वयवस्था का सबसे प्रमुख हथियार ज़नता ही ज़वाब देगी पे चली जनता ने भी खूब कमाल दिखाया लोग कहते है भारत की जनता को मुर्ख बनाना बहुत आसान है ! पर मेने इसके विपरीत देखा इसका निर्णय वो सही समय पे बिलकुल सही कर देती है !  सोनिया गाँधी के साथ भी यही हुआ विरोधी नेता चिल्लाते रहे जनता अपना निर्णय उनके पक्ष में देती रही ! लेकिन इस बार सोनिया गाँधी ने शायद पहले से ही ये सोच रखा था की संसद के द्वारा सरकार की तरफ से जनता को वस्तुइस्तिथि से अवगत करना है!  यही बी जे पी गलती कर बैठी ! वो इस हमले के लिए तईयार नहीं थी ! इसी वजह से उसे बार बार संसद में रणनीती बदलनी पड़ रही है !बी जे पी  को शायद इस बात का बिलकुल अंदाज नहीं था की उनके ऍम पी छतीसगढ़ झारखण्ड के मुख्यमंत्री अपनी निजी स्वर्थो की पूर्ती के लिए वो सब पहले ही कर चुके है जिनके लिए पार्टी लड़ने खड़ी हुई इस स्थिथि  से पार्टी   केसे निकले रणनीतिकार समज नही पा रही है ! उधर कांग्रेस भी टस से मस नहीं हो रही है ! पहले की बात अलग  थी इस बार सोनिया ने मोर्चा खुद संभाला है ! मीडिया भी खूब मज़े ले रहा है ! टी आर पी बड रही है  वो अलग इसे कहते  है हींग लगे न फिटकरी मज़ा भी आये चोखा ! बी जे पी ने पहले सामूहिक इस्तीफे की बात की जिसको बाद में  रणनीतीकारो ने खुद ही वापस कर दिया फिर संसद न चलने का फेसला लेलिया ये भी उलटा पडता दिखाई दे रहा है ! हंगामे का भी फेसला गलत साबित हो गया ! उधर कांग्रेस लोकसभा तो लोकसभा सड़क की लड़ाई  के लिए कमर कस रही है ! अब तो कुछ पार्टी मानने लगी है की मध्याविधि चुनाव की सम्भावनाये बनती जा रही है !मुझे नहीं लगता की प्रमुख पार्टिया अभी चुनाव चाहती है देखना है कोन सी पार्टी झुकती है किस पार्टी का कोन सा नेता अपनी पार्टी से गदारी करता है ! अपने हित के लिए पार्टी को दाव पे लगाता  है ! वेसे मेरी  गणना के अनुसार दिसंबर के बाद चुनाव की सम्भावनाये है !  इस बारे में हम फिर चर्चा करेगे ! इस बीच प्रधानमंत्री इरान चले गए लोकसभा भी 31 अगस्त तक लिए के स्तगित हो गई है देखना है कोन सी पार्टी पहल करती है पार्टी हित के अलावा देश के लिए भी !                    

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